SOCIAL DOCTOR SHIV PRAKASH

happiness is the result of good health, if you want live happy, then live healthy. a blog for Healthy information and happiness.

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Monday, March 18, 2019

Top 5 Best Health Apps for Android Smartphones in Hindi

स्मार्टफोन के आविष्कार के बाद मानव समाज की जैसे दुनिया ही बदल गयी है और इनके बनने के बाद से तकनीक का प्रभाव संपूर्ण समाज और उसका व्यवहार ही बदल गया है। एक समय जब लोग सामान्य फ़ोन से सिर्फ बातें ही कर सकते थे वही स्मार्टफोन के आने के बाद मानो व्यक्ति के हाथों में पूरी दुनिया ही सिमट कर आ गयी है। आप अब अपने स्मार्टफोन से क्या क्या कर सकते है इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते है क्योंकि इनकी तकनीक में दिन प्रतिदिन सुधर होता जा रहा है और इसमें हमारी सुविधाओं की सभी चीज़े आती जा रही है।  
आज के अपने लेख में हम आपको स्मार्टफोन से ही जुड़ ही कुछ ऐसी आवश्यक जानकारियाँ ले कर आये है, जो विशेष कर इनमें प्रयोग की जानी वाली एप्लीकेशन से जुड़ी है। क्या आप को पता है स्मार्टफ़ोन के माध्यम से आप अपने स्वास्थ्य को उन्नत बना सकते है, जी हाँ अब आप अपने स्वास्थ्य को और भी उन्नत बना सकते है इसके लिए बस आप को अपने स्मार्टफोन में कुछ एप्लीकेशन डालने की जरुरत होगी तो आईये जानते है उन एप्लीकेशन के बारे में।
  1. Huawei Health: ऐप का प्रयोग विशेष कर आप व्यायाम के समय कर सकते है और विशेष कर एक  एथलीट के लिए यह बहुत बढ़िया है, इसकी सहायता से आप स्पोर्ट्स से जुडी सारी महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ  और विशेषज्ञों की सलाह प्राप्त कर सकते है। यह आप के दौड़ने, तैरने, साइकिलिंग के दौरान की सभी गतिविधियों के आकड़े सुरक्षित रखता है और यह आपके ह्रदय गति का भी ध्याद रखता है। और इसे गूगल प्ले स्टोर पर 3.9 की रेटिंग भी मिली है। 
  2. Pedometer: अगला महत्त्व पूर्ण ऐप है पैडोमीटर जी हाँ, जिसकी सहायता से आप अपने दौड़ने की गति, आपके द्वारा खर्च की गयी ऊर्जा या कैलोरी और आपने कितनी दुरी तक दौड़ लगायी सभी की गड़ना करता है और उसकी जानकारी को आपको ग्राफ के माध्यम से दिखता है। अब तक इस ऐप को लगभग 465000 लोग प्रयोग कर रहे और इस समय इसकी रेटिंग 4.5 है। 
  3. Lose Weight in 30 days: जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है यह आप को मोटापे से छुटकारा दिलाने में मदद करने के लिए बनाया गया है जो आपको संतुलित आहार और मोटापे से मुक्ति पाने से संबंधित व्यायाम और आपके द्वारा खर्च की गयी ऊर्जा अथवा कैलोरी की जानकारी दिखता है। अब तक इसे 350000 से भी ज्यादा लोग प्रयोग कर रहे है। और इसे 4.8 की रेटिंग भी मिली है जिससे स्पष्ट है कि यह एक अच्छा ऐप है। 
  4. Home Workout-No Equipment:जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कि आप इसकी मदद से अपने घर पर ही बिना किसी व्यायाम के उपकरण की सहायता से व्यायाम कर अपने स्वस्थ को उत्तम और स्वयं को फिट रख सकते है इसकी सारी जानकारी उपलब्ध है। अब तक इसके 670480 उपभोग्ता है और इसे भी 4.8 की रेटिंग मिली है। 
  5. Pill Reminder and Medication Tracker by Medisafe: यह भी आवश्यक ऐप है जिसकी मदद से रोग ग्रस्त व्यक्ति को दवा लेने, उसे याद रखने जैसे कब कौन सी दवा लेनी है, कितनी लेनी है को घड़ी के अलार्म की भाति के बारे में बताती है इसके साथ व्यक्ति के रक्त चाप, गृदय गति, वजन, शुगर की स्थिति जैसी जानकारिया सुरक्षित रहती है। इसको 4.6 की रेटिंग मिली है और इसके साथ अब तक इसके 200000 से ज्यादा उपभोग्ता है। 
तो आप सभी ने देखा कि स्मार्टफोन के माध्यम से आप अपने स्वस्थ को बनाये रखने में कैसे समर्थ रहते है। आप सभी ऐसी अन्य स्वस्थ से सम्बन्धित एप्लीकेशन की सहायता से अपने और अपने परिवार के दोस्तों के स्वास्थ उत्तम बना सकते है। आशा करते है कि आपको हमारा ये लेख आपको पसंद आया ही होगा। 
Health

Saturday, March 16, 2019

How to Assess Stress|अपने तनाव के स्तर की जाँच कैसे करे

आज कल हर कोई तनाव से ग्रस्त है किसी को पढ़ाई की, किसी को कमाई की, किसी को लुगाई की, और किसी को कुछ। ऐसे में तनाव यदि किसी के ऊपर जब हावी हो जाता है तो वो सदैव परेशान और चिंता ग्रस्त रहने लगता है जिसके कारण उसका दैनिक जीवन ही नहीं बल्कि उसका समस्त कार्य ही प्रभावित होने लगता है। और ऐसे में किसी को कैसे पता चलेगा कि उस पर तनाव हावी हो गया, यदि आप भी इसी बात को जानने की कोशिश करना चाहते है तो हम ले कर आये है, तनाव को नापने का सही तरीका जिससे आप अपने तवाव के स्तर की जाँच कर सकते है। 
तनाव की जाँच 
यदि आप अपने तनाव की जाँच करना है तो आप निम्न कथनों ध्यान से पढ़े और दिए गए विकल्पों में से एक एक विकल्प चुने। निर्देश: यदि आप ने पिछले एक महीने से ऐसा निम्न में से कुछ अनुभव किया हो तो, दिए गए विकल्प में से अपने उत्तर का चयन करे:

  • 1. आपने कितनी बार ऐसा महसूस किया कि सब कुछ आपके सब कुछ आपके नियंत्रण में था?
0. कभी नहीं
1. लगभग कभी नहीं
2. कभी कभी
3. शायद कभी
4. हमेसा 
  • 2. आपने कितनी बार अपनी समस्याओं का समाधान करते वक्त स्वयं पर आत्म विश्वाश महसूस किया?
4. हमेसा 
3. शायद कभी
2. कभी कभी
1. लगभग कभी नहीं 
0. कभी नहीं 
  • 3. आपने कितनी बार ऐसा महसूस  कि सब कुछ आपके इच्छा अनुरूप हुआ?
4. हमेसा 
3. शायद कभी
2. कभी कभी
1. लगभग कभी नहीं 
0. कभी नहीं 
  • 4. आपने कितनी बार ऐसा महसूस किया कि समस्याएं इतनी बढ़ गयी कि आप उनका समाधान नहीं कर सकते है?
0. कभी नहीं
1. लगभग कभी नहीं
2. कभी कभी
3. शायद कभी
4. हमेसा 

परिणाम की जाँच

अपने परिणाम की जाँच हेतु आप अपने द्वारा चुने हुए विकल्प के आगे लिखे 0-4 तक के अंकों को एक लिखे और उनको जोड़े, और जो परिणाम प्राप्त होता है वही आपके तनाव का स्तर है:
  • 0-4 सामान्य तनाव
  • 5-8 निम्न तनाव 
  • 9-12 माध्यम तनाव 
  • 13-16 अत्यधिक तनाव 
Health आशा करते है कि हमारे इस लेख से आपको अपने तनाव की जाँच करने में मदद मिलेगी। इससे आप अपनी और और अपने मित्रो के तनाव के स्तर की जाँच कर सकते है। इस लेख को और लोगो तक भी पहुचाये ताकि उन्हें भी इसका लाभ मिल सके। 

Wednesday, March 13, 2019

Social Doctor Shiv Prakash

Social Doctor Shiv Prakash

Hi Friends
My name is Shiv Prakash, I am a research scholar in Department of Psychiatry, Institute of Medical Sciences, Banaras Hindu University, Varanasi, Uttar Pradesh, My research area is study about menal health of older adutls, I have master degree in Social Work with specialization of Psychiatric Social work. I have experties in research work and also in counseling

I believe that a person may have alots of qualiteis and he/she can be allrounder, but one thing is very importnet that you can't be perfect in every areas so you should have some specialization. I like writing, sketching, singing, acting, teaching, and travaling. I write poems and motivational thoughts also one of my creation is given below:

"तू वक्त से तेज़ नहीं भाग सकता है, तू वक्त की क़द्र किया कर,तू हवा नहीं है और न पानी की बहती हुई धारा है,तू आसमा से ऊंचा नहीं, तू समंदर से गहरा नहीं तू बस एक इंसान है, इस लिए बस खुद में इंसानियत ही भर"

I mean that a man should have just hamanity in himself instead of proud, over confidence, jealus, cruality and greediness. I want to become a teacher and counseller, so that I can help my society.

Friday, March 8, 2019

How to stop smoking, in Hindi


क्या आप सिगरेट पीने के आदि हो चुके है? इसे छोड़ना चाहते है? पर छोड़ नहीं पा रहे है। तो आपकी सहायता करने के लिए आज हम आप सब के लिए लेकर आये है अपना ये लेख। सिगरेट, तम्बाकू, व अन्य नशीले पदार्थो के सेवन से पुरे विश्व में अनगिनत लोग प्रतिदिन अपने अमूल्य जीवन को खो दे रहे है और न जाने कितने ही लोग कैंसर व अन्य घातक रोगों से ग्रसित हो रहे है। सिगरेट पीने की लत जब व्यक्ति को पड़ती है तब वह चाहकर भी इसके चंगुल से निकल नहीं पाटा बल्कि वह इसके जाल में दिन प्रतिदिन और भी फसता ही जाता है। यदि आपके साथ भी ऐसी ही कुछ समस्या है तो घबराये नहीं हम इसके लिए आपके पास ले कर आये महत्व पूर्ण उपाये जो आपकी मदद करने में बहुत उपयोगी सिद्द होंगे। 

सिगरेट कैसे छोड़े?
सिगरेट की लत से कैसे बचा जा सकता है इसका जवाब देने के पूर्व हम आपसे बताना चाहेंगे कि सिगरेट पीने की लत कैसे पड़ती है। असल में सिगरेट में जो नशीला पदार्थ पाया जाता है वो व्यक्ति के मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव डालता है और शरीर के अन्य अंग भी इससे अछूते नहीं रहते है, व्यक्ति जब इसको बारम्बार लेता जाता है और फिर इसे छोड़ने की कोशिश करता है तो व्यक्ति के शरीर में अनेक प्रकार की समस्याएं शुरू हो जाती है, और व्यक्ति में फिर से इसे लेने की तलब लग जाती है जो लेने के बाद ही शांत होती है। 

सिगरेट की लत को छोड़ने के उपाय:
  • किसी भी लत को छोड़ने के लिए सबसे जरुरी चीज है स्वयं पर मज़बूत विश्वाश, इस लिए अपने आत्म विश्वाश को मजबूत बनाये। 
  • सुनियोजित और व्यवस्थित योजना बनाये और इसको छोड़ने का निश्चित लक्ष्य बनाये। 
  • खुद के विचारों पर नियंत्रण पाना सीखे, इसके योग के प्राणायाम और अनुलोम विलोम रोज़ करे। 
  • ऐसे लोग जो सिगरेट पीते है उनकी संगती से बचे। 
  • किसी अच्छे परामर्श दाता की सहायता भी ले सकते है। 
  • अदरख, निम्बू, कला नमक, काली मिर्च को एक साथ पीस कर उसे सूखा ले और जब तलब हो इसे अपने मुँह में रखे और चुभलाये। 
  • और चिकत्स्क के परामर्श अनुसार निकोटिन का भी प्रयोग कर सकते है। 
  • डीप ब्रीथिंग को सीखे और जब बेचैनी हो तो इसे करे, ताकि तलब शांत हो। 
  • स्वयं को कही न कही व्यस्त रखे विशेषकर जब तनाव में हो या अकेले में हो। 
  • जब तलब से संबंधित विचार आये तो स्वयं को जितना हो सके इन विचारों से बचा के रखे। 
  • तनाव से बचे और खाली समय में किसी अच्छे मित्र के साथ, कोई पसंदीदा कार्य करने में समय बिताये। 


Monday, March 4, 2019

What is depression? in Hindi



नमस्कार दोस्तों आज हम आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर जानकारी ले कर आये है जिसके बारे आप सभी को अवश्य जानना चाहिए। आज कल समाज में तनाव का स्तर निरंतर बढ़ता ही जा रहा है जिसका प्रभाव लोगो के न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है जिसके कारण अनेको प्रकार की शारीरिक व् मानसिक रोगों का उन्हें सामना करना पड़ता है। और तनाव का यह बढ़ता प्रभाव व्यक्ति को मानसिक रूप से दिन प्रतिदिन कमज़ोर बनता जा रहा है और इससे Anxiey disorders, Depression, Sleeping disorders जैसे मानसिक रोगों में भी वृद्धि हो रही है। यदि आप भी तनाव से हमेशा ग्रस्त रहते है तो आप भी सतर्क हो जाये इन रोगों के प्रति। 

डिप्रेशन क्या है?
डिप्रेशन को हिंदी में अवसाद भी कहते है इस रोग में व्यक्ति के मन में निरंतर उदासी बनी रहती है जिसका प्रायः कोई विशेष कारण नहीं समझ आता है। दुःख के भाव और नकारात्मक विचार व्यक्ति के मन में प्रायः बने रहते है। यह उदासी प्रायः दिन के प्रारम्भ कुछ घंटो या दिन भर बनी रह सकती है। डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति के मस्तिष्क में स्नायुतंत्र में रासायनिक असंतुलन बना रहता है जिससे उसके मन की उदासी निरंतर बढ़ती ही जाती है। 

डिप्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण:
  1. डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण सामान्यतः पाए जाते है ;
  2. मन में प्रायः उदासी, दुःख, नकारत्मकता का प्रभाव रहता है। 
  3. व्यक्ति का किसी कार्य में मन नहीं लगता है, उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता है। 
  4. व्यक्ति स्वयं को हमेशा असहाय, असुरक्षित, अयोग्य, निराश महसूस करता है। 
  5. हीन भावना और नकारात्मक विचार उसे और कमजोर बनाते जाते है। 
  6. भूख और प्यास दिन प्रतिदिन कम होती जाती है। 
  7. नींद की कमी या नींद का न आना। 
  8. शरीर में निरंतर कमज़ोरी और वजन कम होने की समस्या होती है। 
  9. किसी कार्य में ध्यान लगाने और एकाग्रता बनाये रखने में कठिनाई। 
  10. व्यक्ति प्रायः भूलने भी लगता है। 
  11. व्यक्ति जब हीन भावना बढ़ती है तो उसके मन स्वयं को हानि पहुंचाने के विचार आने लगते है। 
  12. व्यक्ति ऐसी स्थिति में आत्म हत्या भी करने का प्रयास करता है। 
  13. अवसाद के बढ़ने पर व्यक्ति को अजीब आवाज़े सुनाई देने लगती है। 
  14. कभी कभी उसे कुछ अजीब व् डरावनी चीजें दिखती है। 

अवसाद का उपचार: ध्यान दे यदि उपरोक्त लक्षणों में से यदि चार भी किसी को दो सप्ताह तक है तो समझ लीजिये कि उसे डिप्रेशन हो गया । डिप्रेशन का उपचार मनोचिकित्सक द्वारा किया जाता है इसमें Antidepression और Antianxiety दवाये चलती है और साथ ही साथ मनोचिकित्सा और काउन्सलिंग के माध्यम से इलाज किया जाता है। 

आशा करते है कि आपके लिए हमारे द्वारा दी गयी जानकारी उपयोगी सिद्ध हुयी होगी। आप हमसे ऐसे ही जुड़े रहे हम आप तक ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारिया लाते रहेंगे। 


Friday, March 1, 2019

STRESS MANAGEMENT TECHNIQUES IN HINDI


आज कल समाज में अनेक प्रकार की समस्याएं दिन प्रतिदिन बढ़ रही है किसी को आर्थिक समस्या है, किसी को वैवाहिक समस्या है, किसी को रोज़गार की समस्या है, किसी को रोज़गार मिलने के बाद भी समस्या है और किसी प्यार की समस्या है, यहाँ हर किसी को कोई न कोई समस्या ज़रूर है और इन समस्याओं के कारण सभी तनाव में रहते है और इस तनाव के कारण हर किसी को अब कोई न कोई शारीरिक या मानसिक रोग का सामना करना पड रहा है। और यदि आप भी तनाव से ग्रस्त है और इससे बाहर निकलने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है तो हम लेकर आयें है आपके लिए तनाव मुक्त रहने का अचूक उपाय, तो ज्यादा देर न करते हुए आई ये हम उन उपायों को बताते है। 

तनाव मुक्त रहने के महत्वपूर्ण उपाय:
  • जहाँ तक हो सके स्वयं को सकारात्मक बनाये रखे और नकारात्मक वस्तुओं और नकारात्मकता से बच कर रहे। सदैव याद रखे कि तनाव का सबसे बड़ा कारण हमारे अंदर की नकारात्मकता ही है। 
  • भूत और भविष्य की फिक्र किये बिना सदैव वर्तमान पर ही ध्यान लगाए रखे। 
  • सदा याद रखे कि घटनाये आप के नियंत्रण में नहीं रहती है परन्तु आप अपनी सावधानी और विवेक से किसी भी प्रकार की समस्या से बच सकते है। 
  • तनाव की स्थिति में क्रोध और चिड़चिड़ेपन से बचे ये समस्याओं को और भी जटिल बना देती है इसके स्थान पर आप सब्र और विनम्रता का भाव स्वयं में बनाये रखे। 
  • आज का काम कल पर न टाले इससे तनाव बढ़ता है। 
  • सुपाच्य एवं संतुलित आहार ग्रहण करे। शरीर में पानी की मात्रा भी काम न होने दे। 
  • प्रतिदिन योग और व्यायाम अवश्य करे इससे शरीर में स्फूर्ति और तंदरुस्ती के साथ साथ मन और बुद्धि भी सुचारु रूप से क्रियाशील रहते है। 
  • स्वयं की रूचि अनुसार कोई कार्य अथवा खेल या सुन्दर स्थान पर भ्रमण समय निकाल करे। 
  • थकान मुक्त रहने के लिए आवश्यकता अनुसार आराम भी करे। 
  • इन सबसे महत्व पूर्ण किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करने से सदैव बचे। 
  • अपने दिन की शुरुआत ईश्वर की आराधना के साथ शुरू करे। 
  • तनाव आप पर हावी न हो पाए इसके लिए स्वयं के तनाव प्रबंधन की तकनीक में शंशोधन भी करते रहे। 
आशा करते है कि हमारे द्वारा बताई गये इन उपायों के माध्यम से आप स्वयं को तनाव मुक्त रख पाएंगे। यदि इससे जुडी हुई कोई अन्य समस्या अथवा कोई प्रश्न आप हमसे पूछना चाहते है तो आप कमेंट कर के पूछ सकते है। आप हमसे ऐसे ही जुड़े रहे हम आप तक ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारिया लाते रहेंगे। 



Wednesday, February 27, 2019

अपने नाखुनो को चमकदार और सुन्दर बनाये-100 प्रतिशत फ़ायदेमंद

नमस्कार दोस्तों आज हम आपसे बड़ी ही महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने जा रहे है जो न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए बल्कि हमारे व्यक्तित्व के आकर्षण लिए भी अति आवश्यक है। हमारे व्यक्तित्व की पहचान हमारे सिर्फ चेहरे से ही नहीं बल्कि हमारे संपूर्ण शरीर, मन और व्यवहार पर निर्भर करती है इन्ही में से एक है हमारे हाथों के नाख़ून भी है जिनका हमारे आकर्षण और स्वास्थ्य दोनों पर ही पड़ता है।  जब आप किसी से हाथ मिलाते है तो आपसे हाथ मिलाने वाले का ध्यान आपके हाथों पर भी जाता है और ऐसे में आपके हाथों के नाख़ून में लगी गन्दगी और नाखुनो के ख़राब देखभाल के कारण आपके व्यक्तित्व पर भी असर पड सकता है। यदि आप भी अपने हाथों के नाखुनो को  सुन्दर बनाना चाहते है तो आप के लिए हम कुछ विशेष टिप्स ले कर आयें है। 
आप अपने नाखूनों को उचित लम्बाई तक ही बढ़ाये ताकि वो बहुत भद्दे न लगे। साथ ही साथ उनकी सफाई पर भी विशेष ध्यान दे। नाखुनो की सफाई के लिए आप चाहे तो निम्न विधियों को अपना सकते है:

  • नाखुनो को साफ करने व उन्हें चमकदार बनाने के लिए आप निम्बू के रस में थोड़ा खाने वाला सोडा मिलाकर उससे थोड़ी देर अपने नाखुनो को ब्रश से हलके हलके साफ करे और फिर हलके गुनगुने पानी से धूल ले। इसके बाद किसी अच्छे क्रीम को अपने हाथो में लगाए ताकि आपके हाथो और नाखुनो में नमी बरकरार रहे। 
  • नाखुनो को साफ करने के लिए आप किसी टूथपेस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते है। 
  • नाखूनों पर किसी प्रकार के रासायन युक्त नेल पोलिस के इस्तेमाल करने से बचे। 
  • अपने खाने में हरी सब्जियाँ भी रखे ताकि आप को उचित मात्रा में मिनरल व आवश्यक पोषक तत्त्व मिल सके। जो नाखुनो के लिए अति आवश्यक होते है।  इसके साथ रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी भी पिए ताकि शरीर व नाखुनो में नमी बानी रहे और जिससे उनमे चमक भी बनी रहे। 
  • नाखुनो को काटने से पूर्व उन्हें थोड़ा देर गुनगुने पानी में रखे इससे उनकी सफाई तो होती ही है और उन्हें सही से काटने में मदद भी मिलती है। 
  • वेनेगर और खाने वाले सोडा का मिश्रण तैयार कर उसमे कुछ देर अपने नाखुनो डाल कर यदि रखते है तो आपके नाख़ून चमकदार और प्राकृतिक रूप से सुंदर दिखेंगे। 
आशा करते है कि आपके लिए हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी सहायक सिद्ध हुयी होगी। आप हमसे ऐसे ही जुड़े रहे हम आप तक ऐसी ही और भी आवश्यक जानकारिया लाते रहेंगे। 



Thursday, June 21, 2018

FIT RAHEGA INDIA TO HIT RAHEGA INDIA

प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में स्वास्थ्य की भूमिका अहम् होती है और सदैव निरोग और स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम भी आवश्यक है और यदि आप भी एक स्वस्थ जीवन बिताना चाहते है तो आप को भी प्रति दिन व्यायाम करना चाहिए। "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के उपलक्ष्य पर हम आज आप के लिए योग के अंतर्गत ऐसे आसन के विषय में जानकारी ले कर आये है जिसके करने से आपका मन और शरीर हर प्रकार की समस्याओं विशेष कर हाइपरटेंशन, हाइपरवेन्टीलेशन, तनाव-बेचैनी, ध्यान व् एकाग्रता में कमी, स्मृति ह्रास आदि कई समस्याओ से मुक्ति मिल जायेगी। ज्यादा देर न कर हम आपको सीधे उसके विषय में बताते है जिस आसन के विषय में हम बात कर रहे है उसका नाम है "अनुलोम-विलोम प्राणायाम", आईये जानते है इसके बारे में। 
अनुलोम-विलोम प्राणायाम 
मानव शरीर में "नाड़ियों" का सूक्ष्म ऊर्जा जाल फैला हुआ है जिसमे कई बार किन्ही कारणों से बाधा उत्त्पन्न होती है जो विभिन्न प्रकार की समस्याओं के लिए जिम्मेदार बनती है इसी कारण वश हमें समय समय पर नाड़ी शोधन करने की आवश्यकता होती है जिसके लिए हम जिस विधि का प्रयोग करते है उसे अनुलोम विलोम प्राणायाम कहते है। यह विधि किसी भी आयु वर्ग के लोग कर सकते है। 

अनुलोम विलोम प्राणायाम करने की विधि:
सर्वप्रथम यह ध्यान रखने की आवश्यकता है कि आपको योग करने के लिए सबसे उचित समय प्रातः काल ही है जब  सूर्योदय होता है इस समय इसके करने से आपको अधिकतम लाभ मिलता है। आपको यह आसन किसी खुले स्थान पर जैसे कि आपका छत हो या किसी आस पास का पार्क जहाँ पर प्राकृतिक वायु का संचार हो और शोरगुल कम हो वहाँ पर करना चाहिए। प्रातः कल उठ कर और नित्य क्रिया करने के बाद खाली पेट यह आसन करना चाहिए ध्यान दे योग करने के 1 घंटे पूर्व व् पश्चात भोजन और पानी ग्रहण नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही वस्त्र भी आपके ढीले आरामदायक होने चाहिए। 

अनुलोम विलोम के चरण:
सर्वप्रथम किसी स्थान पर एक कॉटन कपडे की चादर बिछा लीजिये और और उस पर पद्मासन मुद्रा (जिसमे आपकी रीढ़ की हड्डी और गर्दन बिलकुल सीधी हो) में बैठ जाये।

इसके पश्चात अपने दाये हाथ में इस प्रकार की मुद्रा (जिसमे आप के हाथ की दो अंगुलिया अंगूठे के पास बंद हो) बनाये। और इस दौरान आप अपना बाया हाथ ध्यान मुद्रा में रखे।  
अब आप अपनी नाक के दाए छिद्र को अंगूठे से बंद करे और बायीं छिद्र से मंद गति से गहरी सांस लीजिये और सांस लेने के बाद बाकि खुली दो अंगुलियों से बायीं छिद्र को बंद करे (कुछ देर सांस को रोकने का प्रयास करे)।
इसके पश्चात नाक के दाये छिद्र पर से अंगूठे को हटाए और साँस को धीरे धीरे छोड़े और पुनः दायी तरफ से सांस ले और फिर बायीं तरफ से सांस छोड़े। इस प्रकार यह अनुलोम विलोम का एक चरण हुआ।

  • आप इसी प्रक्रिया को निरंतर लगभग 15-20 मिनट तक चाहिए।


ध्यान दे यदि आप ऊपर बताये गए निर्देशों के अनुसार यह आसन प्रतिदिन करेंगे तो आपको शीघ्र अतिशीघ्र इससे लाभ प्राप्त होगा। आप हमसे जुंड़े और हमें Follow करे ताकि हम आप तक ऐसी ही आवश्यक जानकारी लाते रहे।

करे योग रहे हमेसा निरोग




Wednesday, June 6, 2018

घातक सिद्ध हो रहा है निपाह वायरस, जरूर पढ़े

मानव समाज में कई अनगिनत समस्याएं आती है जिनमे से सबसे बड़ी समस्या के तौर पर "रोग या बीमारिया" ही होती है क्योकि जब कोई व्यक्ति कभी बीमार होता है तो न केवल वह बल्कि उसका समस्त परिवार उसके प्रभाव से प्रभावित होता है खाशकर तब जब बीमारी या रोग संक्रामक, घातक और लाइलाज हो। चिकित्सा पद्धति में निरंतर विकास के साथ साथ समाज में नयी नयी बीमारिया भी बढ़ रही है जिसके कई कारण हो सकते है जिनमे से विशेष कर प्रदुषण ही एक प्रभावी कारण होता है। परन्तु आज कल एक विशेष प्रकार की बीमारी का प्रभाव देश के कुछ कोनों में अथवा अन्य देशो में देखा गया है जो की एक विशेष वायरस जिसका नाम "निपाह" है के द्वारा फैल रहा है। अभी हाल ही में भारत के केरल और कुछ राज्यों में इसके प्रभाव को देखा गया है।

ये निपाह वायरस क्या है?
"निपाह वायरस इन्फेक्शन" नामक रोग निपाह नामक वायरस से संक्रमित होने पर होता है, इस वायरस से संक्रमित होने का पहला मामला सिंगापुर-मालिशिया में सन 1998 और 1999 में देखने को मिला था। निपाह वायरस एक RNA टाइप का वायरस है जो कि जानवरो और मनुष्यो दोनों को प्रभावित कर सकता है। यह कुछ विशेष जानवरो जैसे चमकादड़, सूअर अथवा अन्य  पशुओ के माध्यम से मनुष्यो में फैलता है। इस वायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति के शरीर में अनगिनत प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने लगती है जिनसे व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है। यह रोग विशेषकर फल खाने वाले चमकादड़ो से मनुष्यो तक फ़ैल रहा है। बांग्ला देश में सन 2004 में इस रोग से अनगिनत लोग प्रभावित हुए।

निपाह वायरस के संक्रमण से उत्पन्न समस्याएं अथवा लक्षण:
इससे संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण के 1-5 दिनों के अंदर ही कुछ लक्षण विशेषकर तीव्र ज्वर, सर दर्द, मानसिक भ्रम व समझ में कमी होने के साथ साथ कोमा में चले जाना आदि है और सबसे गंभीर स्थिति में रोगी की मृत्यु तक हो जाती है। मलेशिया और सिंगापुर में तो इसके कारण 50 प्रतिशत तक रोगियों की मृत्यु भी हो गयी।

उपचार एवं बचाव: निपाह वायरस के इन्फेक्शन का अब तक कोई असरकारक दवा का पता अभी तक नहीं लगा है कुछ शोधो और उपचार में इसके लिए अभी तक "रिबावायरिन"नामक दवा के प्रभाव को सार्थक पाया गया है परन्तु इससे बचने का सबसे सही उपाय संक्रमण से बचे रहने के लिए सावधानी बरतना ही है। इसके लिए यह ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी भी फल जिसे किसी पक्षी या पशु ने कुतरा हो उसे न खाये, फलो को अच्छी तरह से धूल कर ही खाये।फलो से बनने वाले जूस या नशीले पेय पदार्थ जैसे ताड़ी, शराब अादि का सेवन न करे।पशुओ और पक्षियों से ज्यादा नजदीकी संपर्क में न रहे, सुअर या अन्य पशुओ के मांश खाने से बचे जिन्हे संक्रमण हो या जिनसे संक्रमण हो सकता है।

नोट: आपसे निवेदन है कि जनहित के लिए इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुंचाने हमारी सहायता जरूर करे। स्वस्थ रहेगा भारत, तभी तो आगे बढ़ेगा भारत।

आशा करते है कि आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी। आप हमें Fallow जरूर करे ताकि हम आप तक ऐसे ही आवश्यक जानकारिया लाते रहेंगे। 100000 Followers के लक्ष्य तक पहुंचने में हमारी मदद जरूर करे मित्रो।



Thursday, March 15, 2018

लम्बे घने बालो के लिए, इस जादुई उपाय को जरूर अपनाये

स्वस्थ शरीर और सौंदर्य की चाहत तो सभी में पायी जाती है फिर चाहे वो स्त्री हो या या पुरुष। किसी भी व्यक्ति के सौंदर्य में उसके बालों की भूमिका अहम् होती है। आज कल लोगो को बालो के सम्बन्ध में अनेको समस्याएं होती है उनमे से सबसे बड़ी समस्या है बालो का झड़ना, कमजोर व दो मुहे हो जाना और समय से न बढ़ना आदि। यदि आप भी इनमे से किसी एक समस्या से ग्रसित है तो हम आपके लिए आज ले कर आये है पांच प्रमुख घरेलु उपाय जो आपके बालो को स्वस्थ और लम्बे-घने बनाने में मददगार सिद्ध होंगे। तो आईये शुरू करते है;


  • अंडा, शहद और जैतून के तेल का मिश्रण: अंडे में प्रकृतिक प्रकृतिक तौर पर प्रोटीन, आयरन, सल्फर और आयोडीन , सेलेनियम, फास्फोरस, जिंक, आदि पाया जाता है। आप अंडे की सफ़ेदी, शहद और जैतून का तेल मिलकार पेस्ट बना ले और इसे अपने बालो पर लगा कर लगभग एक घंटे तक छोड़ दे और फिर इसे धो ले इससे आप के बालो उचित पोषण प्राप्त होंगा और बाल कोमल होंगे। 


  • आवला और रीठा:  आंवले में कैरोटिनायड नामक पदार्थ पाया जाता है जो बालो के विकाश और तेजी से बढ़ने में मदद करता है। आप आंवले और रीठा के पाउडर का पेस्ट बनाये और इसे लगभग 30 मिनट तक अपने बालो पर लगाए। इसके साथ ही सप्ताह में एक बार अावले का जूस बना कर अपने बालो पर लगाये अधिक लाभ मिलेगा। 


  • मसाज: मसाज बालो को स्वस्थ रखने में मदद करते है इससे सिर की त्वचा में रक्त प्रवाह का संतुलन बनता है और फलस्वरूप  बालो को उचित पोषण भी मिलता है। आप रोज रात्रि में सरसो के तेल से मालिस करे इससे आपके बालो को बढ़ने में भी काफी मदद मिलेगी। 

  • एलोवेरा और शहद: एलोवेरा में विटामिन, सेलेनियम जैसे अन्य कई पोषक तत्त्व पाए जाते है जो आपके सिर की त्वचा को स्वस्थ बनाये रखते और जिससे रुसी भी नहीं होती है। अतः आप अपने बालो में सप्ताह में एक बार एलोवेरा और शहद को सामान मात्रा में मिलाकर पेस्ट बनाये और लगाए जिससे आपके बाल स्वस्थ रहेंगे। 


  • मेहंदी और दही: बालो को स्वस्थ घने और कोमल बनाने में मेहंदी और दही का भी बड़ा योगदान होता है आप मेहंदी पाउडर में एक कप दही मिलाकर पेस्ट बनाये और इसे सप्ताह में एक बार अपने बालो पर लगाए और फिर 30 मिनट बाद धोले। 


आशा करते है कि हमारे द्वारा बताये गए उपाय आपके बालो को स्वस्थ, सुन्दर, कोमल, और लम्बे-घने बनाने में मददगार सिद्ध होंगे। आप हमसे ऐसे ही जुड़े रहे हम आप तक ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारिया लाते रहेंगे। कृपया आप हमें Follow जरूर करे। 



Tuesday, February 27, 2018

आपके चेहरे पर पड रही है झुर्रिया तो जरूर पढ़े, एक जबरदस्त उपाय

दुनिया में हर कोई सुन्दर दिखना चाहता है, ऐसी स्थिति में कई समस्याएं आती है जिनसे आपकी सुंदरता और आकर्षण कम होता जाता है। इन समस्याओ में से एक बड़ी समस्या चेहरे पर झुर्रियों का पड़ना भी है। आज कल  ऐसे कई लोग भी देखने को मिलते है जो समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगते है उनके चहरे पर झुर्रिया समय से पूर्व ही आ जाती है। यदि आप भी ऐसी ही समस्या से परेशान है तो आप एक ऐसा उपाय बताएँगे जिससे आप अपनी इस समस्या से मुक्ति पा सकते है। तो इसके बारे में जानने के लिए आगे इस लेख को पूरा पढ़े। और आपसे निवेदन है कि हमें Follow जरूर करे। 

झुर्रियो को कम करने के लिए सबसे जरुरी तथ्य:
  • सर्वप्रथम अधिक तनाव लेना और चिंता करना छोड़े। 
  • पर्याप्त मात्रा में प्रतिदिन पानी पीये। 
  • संतुलित भोजन ले। 
  • धुप व प्रदुषण के संपर्क से अपने चेहरे को बचा कर रखे। 
  • धूम्रपान करना और शराब का सेवन न करे। 
  • हानिकारक रासायनिक तत्वों से युक्त क्रीम व साबुन का प्रयोग न करे। 
झुर्रियों को कम करने के उपाय:
  1. अपने चहरे को सर्वप्रथम ठन्डे पानी से धुले, उसके बाद दही, एक चम्मच शहद. एक चम्मच संतरे का रस और पके हुए केले की कुछ मात्रा को मिलकर पेस्ट बनाये और इस पेस्ट को अपने चहरे पर लगाए और 20 मिनट तक ऐसे ही रहने दे फिर पानी से धूल ले और फिर एक गरम टॉवल से पोछ ले। इससे आपके चहरे पर चमक व नमी बानी रहेगी और झुर्रिया के आने से सुरक्षा मिलेगी। 
  2. झुर्रियों को मिटने के लिए आप निम्बू के रस में शहद बराबर मात्रा में मिलकर झुर्रियों के स्थान पर व चहरे के अन्य भागो पर लगाये और फिर लगभग 15 मिनट बाद पानी से धूल ले। ऐसा प्रतिदिन करे, आपको एक सप्ताह में फर्क देखने को मिलेगा। 
  3. अंडे की सफेदी, निम्बू का रस और शहद को मिलकर एक पेस्ट बनाये और इसे पुरे चेहरे पर लगाए और 20 मिनट तक लगाए रखे और फिर धूल ले इससे आपके चेहरे की त्वचा के रोम छिद्र साफ होंगे और त्वचा का स्वास्थ अच्छा रहेगा। 
नोट: उपरोक्त बताई गयी विधियों का लगभग 15 दिन तक पालन करे इससे आपके चहरे में निश्चित ही निखार आएगा और आपकी सुंदरता में वृद्धि होगी। 

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Saturday, February 24, 2018

बस 7 दिन में अपने होठो का कालापन दूर करे, पहले आजमाये फिर विश्वाश करे


आज कल सौंदर्य को बनाये रख पाना कितना कठिन हो चूका है, व्यक्ति जितना भी प्रयास बरतता है परन्तु इसमें थोड़ी न थोड़ी खामी अवश्य रह जाती है कई बार तो व्यक्ति की लापरवाही से न केवल उसका स्वास्थ्य ख़राब होता है बल्कि उसकी सुंदरता भी प्रभावित होने लगती है, आज कल ख़राब जीवन शैली का प्रभाव हमारे स्वास्थ्य और सुंदरता दोनों पर पड़ता है ऐसी स्थिति में आप का हस्ता मुस्कुराता चेहरा भी लोगो का आकर्षण नहीं पा पाता है आपकी मुस्कान आपके होठो की सुंदरता पर निर्भर करती है आज कल ज्यादातर लोग होठो के काले होने से परेशान है यदि आप भी उनमे से एक है तो ये लेख आपके लिए आवश्यक सिद्ध होगा। 

होठो को काला पड़ने से बचने के लिए क्या करे:

  • सिगरेट का सेवन करना छोड़े। 
  • अत्यधिक कोफ़ी और चाय का सेवन करने से बचे। 
  • पर्याप्त मात्रा में जल का ग्रहण प्रतिदिन करे। 
  • धुप में ज्यादा न रहे। 
  • तम्बाकू या पान का सेवन करने से बचे। 

काले होठो को गुलाबी कैसे बनाये?

  • आप निम्न में से जो भी घर उपलब्ध हो उसको अपनाये:
  • नीबू, शहद, ग्लिसीरीन का पेस्ट बना कर उसको रात में सोने से पूर्व होतो पर प्रतिदिन लगाये। 
  • होठो को गुलाबी और कोमल बनाने के लिए जैतून के तेल से प्रतिदिन मसाज करे। 
  • प्रतिदिन चुकंदर का पेस्ट बना कर होठो पर लगाए विशेष तौर पर रात्रि में। 
  • अनार के रस और गाजर के रस को मिलाकर प्रतिदिन लगाए उचित लाभ मिलेगा। 
  • शहद और बादाम के तेल को समान मात्रा में मिलकर पेस्ट बनाये और प्रतिदिन लगाए आपके होठ कोमल, गुलाबी और चमकदार दिखने लगेंगे। 

नोट: उपरोक्त बतायी गयी विधियों में से कुछ का पालन एक सप्ताह तक करे निश्चित लाभ प्राप्त होगा। 

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Friday, February 16, 2018

गंजे होने से बचाना चाहते है तो जरूर पढ़े, ऐसा उपाय कही और नहीं मिलेगा

दुनिया में हर महिला और पुरुष की एक सबसे बड़ी ख्वाहिस होती है कि वह एक खूबसूरत इंसान बने और वे सभी के आकर्षण का केंद्र बने रहे। आप की भी कुछ ऐसी ही ख्वाहिस तो जरूर ही होगी न। हर महिला पुरुष के सौंदर्य में उनके बालों की भूमिका बहुत ही अहम होती है ये तो आप सभी जानते ही होंगे, परन्तु आज कल ज्यादा तर पुरुषो और महिलाओ के लिए ये परेशानी का कारण बन चुके है। बहुत से लोग आज झड़ते और गिरते बालो की समस्या से परेशान है। यदि आप भी ऐसी ही समस्या से परेशान है तो आज हम आपके लिए बहुत ही जरुरी जानकारी लेकर आये है जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी। तो आईये हम आपको बताते है कि आखिर ऐसे कौन कौन से तरीके है जिसकी मदद से आप अपने बालो को गिराने, झड़ने, और रूखे सूखे बेजान होने से बचा सकते है। 

बालों को स्वस्थ बनाने के लिए क्या करे?
  • बालों की सफाई: आपको तो पता ही होगा कि स्वछता हमारे स्वास्थ्य के लिए कितनी ही जरुरी होती है, हमारे बालो का साफ होना भी जरुरी होता है। गंदगी और धूल से हमारे बालो की जड़े प्रभावित होने लगती है और इसकी वजह से बालो को काफी हानि भी पहुँचती है। इस लिए आप अपने बालो को किसी अच्छे शैम्पू से प्रतिदिन धुले। और हो सके तो किसी डॉक्टर से सलाह लेकर किसी अच्छे शैम्पू का चुनाव करे। 
  • संतुलित भोजन: जिसमे प्रोटीन और विटामिन की उचित मात्रा हो, वैसा ही भोजन करे। आपके भोजन मे विटामिन की सही मात्रा होनी चाहिए जिसमे से विटामिन A, B और E की उचित मात्रा हो। आपको बता दे कि विटामिन A आपके बालो के विकाश में, विटामिन B बालो को स्वस्थ रहने और उनके रंगो बनाये रखने में, और सबसे महत्वपूर्ण विटामिन E बालो में रक्त संचार और पोषण प्रदान करने और उनके बनने में मदद करता है। 
  • बालो का मसाज करना: बालो को किसी अच्छे तेल जिसमे आंवले, बादाम, और कोकोनेट आयल की निश्चित मात्रा हो, अथवा किसी डॉक्टर से परामर्श से लिए गए तेल से नियमित मसाज करने से आपके बालो को वाह्य रूप से पोषण मिलेगा और इससे रूखे सूखे  बालो में भी जान आ जाएगी। और सप्ताह में काम से काम एक बार आप अपने बालो को प्याज, अदरख, लहसुन का पेस्ट बनाकर किसी अच्छे तेल में मिला कर के मसाज अवश्य करे। 
  • पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन: आप के शरीर व बालो के लिए जल की एक निश्चित मात्रा का होना अति आवश्यक है अतः रोजाना निश्चित मात्रा में जल का सेवन करे। जल के आभाव में बल रूखे सूखे बेजान होते जाते है। 

बालों को स्वस्थ रखने के लिए क्या न करे?

  • अत्यधिक तनाव व चिंता करने से बचे। 
  • नशीले पदार्थो जैसी शराब,सिगरेट पीने, आदि के सेवन करने से बचे। 
  • बालो को रासायनिक तत्वों से दूर रखे, उन्हें रंगने, और ग़र्मी से बचाये। 
  • कैप का इस्तेमाल जहा तक हो सके कम करे, और किसी अन्य का कैप न लगाए। 
  • बालो में अत्यधिक पशीने न आये। 
  • गीले बालो में कंघी करने से बचे। 

किसी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श जरुर ले, किसी प्रकार से लापरवाही न बरते। चिकित्सा पद्धति में बालो को झड़ने से बचाने के उपाय है, परन्तु सही समय पर इलाज से निश्चित उपचार मिल सकता है देर करने से परेशानी बाद सकती है। आज हेयर ट्रांसप्लांट की भी सुविधाएं भी उपलब्ध है, जिसे किसी अच्छे डॉक्टर जो की इससे सम्बंधित विशेषज्ञ है उन्ही से इसे कराये। 

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Monday, January 29, 2018

तनाव से मुक्ति पाने के सबसे आसान उपाय, शीघ्र अपनाये

मानव समाज में दिन प्रतिदिन नयी नयी समस्याएं पैदा हो रही है जिसका प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है। आज कल अधिकांश लोग स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओ को लेकर परेशान है, जिसमे से कुछ शारीरिक समस्याएं है तो कुछ मानसिक समस्याएं। मानसिक समस्याओ के अंतर्गत ज्यादा तर लोग तनाव से ग्रसित रहते है। यह शब्द"तनाव"  देखने में तो सामान्य लगता है परन्तु इसका प्रभाव व्यक्ति पर व्यापक रूप से पड़ता है। आपको जान कर आश्चर्य होगा कि तनाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह का होता है एक और जहा सकारात्मक तनाव व्यक्ति को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रेरित करता है वही नकारात्मक तनाव व्यक्ति को लक्ष्य तक पहुंचने में अवरोध उत्त्पन्न करता है। यदि आप भी नकारात्मक तनाव से परेशान रहते है तो हम लाये है आपके लिए नकारात्मक तनाव के  प्रभाव से बचने के कुछ आसान उपाय, हमें आशा है कि आपको हमारे द्वारा बताये गए उपायों से लाभ प्राप्त होगा। 

नकारात्मक तनाव से मुक्ति पाने के उपाय
नकारात्मक तनाव से मुक्ति पाने के लिए आप निम्नलिखित उपायों का अपना सकते है;
नशीले पदार्थो के सेवन से बचे-: नकारात्मक तनाव से बचने के लिए अधिकांश लोग नशीले पदार्थो का सेवन करने लगते है जो प्रारम्भ में तो आपको सहायक लग सकती है परन्तु आगे चल कर ये आपके लिए घातक सिद्ध होती है। अतः आपको किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन करने से बचाना चाहिए। 
नियमित व्यायाम-: यदि आप नियमित व्यायाम करते है तो इससे आपके शरीर में तनाव से लड़ने में भी मदद मिलती है क्योकि इससे व्यक्ति का शरीर सदैव स्फूर्ति से भरा और थकान रहीत रहता है। और जब भी आपको अधिक तनाव महसुस हो तो आपको थोड़ा टहल लेना चाहिए इससे आपका तनाव कम हो जायेगा। 
पर्याप्त मात्रा में नींद-: प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में नींद भी लेनी चाहिए इससे मस्तिष्क को तनाव रहीत रहने  में मदद मिलती है और साथ ही साथ कार्यो में ध्यान लगाने में मदद भी मिलती है। पर्याप्त नींद के आभाव में व्यक्ति तरह तरह के मानसिक समस्याओ का सामना भी करना पड सकता है। 
तनाव मुक्त रहने की विधियों का पालन-: तनाव से मुक्ति पाने के लिए कई विधिया विधिया भी है जिसमे योग और मेडिटेशन मुख्य है। जिसके द्वारा आप आपने तनाव से त्वरित मुक्ति प्राप्त कर सकते है। इसके अतिरिक्त संगीत अथवा गाने सुनना, या लाफिंग थेरेपी का भी प्रयोग कर सकते है। 
मित्रो और शुभ चिंतको से बात चीत-: जब भी आप अपने मित्रो से अपने तनाव के विषय में अथवा अन्य विषयो के बारे में वार्तालाप करते है तो इससे आप तनाव से मुक्ति पाने में सहायता मिलती है। जब भी आप अपने मित्र से अपने तनाव के बारे बताते है तो इससे आपका मन हल्का होता है और मनोवैज्ञानिक रूप से आप अपने तनाव से बाहर आ जाते है। 
तनाव को डायरी में नोट करना-: जब आप अपने तनाव के बारे में अपने मित्रो से बात चीत नहीं कर पाते है, अथवा इसमें आप असहज महसूस करते है तो आप अपने पास एक डायरी रखे और उसमे अपने तनाव के बारे में लिखे इससे भी आपको मदद मिलेगी। 
अनुशासित जीवन यापन-: अधिकांशतः जो लोग अस्त व्यस्त जीवन यापन करते है वो ज्यादातर तनाव महसूस करते है, अतः आप सदैव अनुशासित जीवन जीने की कोशिस करे जिससे आप अपने सभी कार्यो को उचित समय पर करेंगे और व्यर्थ के तनाव से भी बचेंगे। 
"नहीं" कहना सीखे-: प्रायः हम अपने मित्रो और परिचितों के आग्रह को मान लेते है और अतिव्यस्त होने के बावजूद उन्हें मना नहीं कर पाते है, और अपने कार्यो को छोड़ कर उनकी सहायता में लग जाते है, परन्तु ऐसा कर के कई भर हम अपने तनाव को बढ़ा देते है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को चाहिए की वह अपनी परस्थिति के अनुसार "नहीं" कहने का भी आदद डालना चाहिए और इस प्रकार से "नहीं" कहना चाहिए कि दुसरो को बुरा भी न लगे।

आशा करते है कि आपको हमारे द्वारा बताये गए उपाय पसंद आएंगे। यदि आपको हमारा ये लेख पसंद आया हो तो हमें फोलो करे हम आप तक ऐसी ही आवश्यक जानकारिया लाते रहेंगे। 


Friday, December 8, 2017

बार-बार कुछ भूल जाते है, कुछ याद नहीं रहता है तो अपनाये ये घरेलु नुश्खे


प्रायः देखा गया है कि कुछ लोगो की ये शिकायत रहती है की उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता है, हमेसा कुछ न कुछ भूलते ही रहते है, जैसे कई बार कोई चीज हाथ में ही लिए रहते है और उसे घर में ढूंढने लगते है और भीड़ जब ध्यान आता है पता चलता है की वो वस्तु तो उनके हाथ में ही है। विधार्थियो की शिकायत रहती है कि घंटो पढ़ने के बाद भी उन्हें कुछ याद नहीं रहता है, ऐसी ही समस्याएं कई लोगो के साथ रहती है, आपको बता दे की भुलने की बीमारी जो होती है वो सामान्यतः वृद्धावस्था में होता है लेकिन यदि किसी को कम आयु में ही विष्मरण और याद न रख पाने जैसी समस्याये होती है तो वह कई कारण से होती है जिसमे से तनाव, अधिगम की गलत विधि, अभ्यास का आभाव, पुनर्स्मरण न करना आदि कुछ कारण होते है। यदि आप भी विष्मरण या भुलने, याद न कर पाने जैसी समस्या से परेशान है तो आपको हम बताना चाहेंगे की कुछ घरेलु नुश्खे है जिनको अपना कर आप इन समस्याओ से मुक्ति पा सकते है। ऐसी कुछ नुश्खे निम्नलिखित है;
  • काली मिर्च और बादाम की सात- सात लेकर पानी में भिगों दे और कुछ समय बाद उसे थोड़ा पानी में पीस ले | इसे  रोजाना पियें | इसे पीने से दिमागी ताकत बढ़ती है |
  • शक्कर और रूमी मस्तगी बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीस लें और सुबह – शाम दो-दो माशे इस्तेमाल करें | इससे याददाश्त बहुत बढ़ती है |
  • बासी मुह सुबह उठकर शाम का रखा हुआ पानी पियें | यह दिमाग की तरावट के लिए बहुत ही अच्छा इलाज है और लगातार पीने से याददाश्त बढ़ती है |
  • प्रतिदिन प्रातः कल उठ कर योग के कुछ आसनो जैसे प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी आदि करे। 
  • प्रतिदिन थोड़ा व्यायाम करे इससे शरीर में स्फूर्ति बानी रहती है जिससे ध्यान लगाने में मदद मिलती है। 

आशा करते है कि हमारा ये प्रयास आपको पसंद आएगा और लाभदायक भी सिद्ध होगा, यदि आपको आगे भी ऐसी आवश्यक जानकारियों से अवगत होते रहना है तो हमें फॉलो करे तकि हम आप तक महत्वपूर्ण जानकारिया लाते रहे। 

Thursday, December 7, 2017

रात में नींद नहीं आती है और नींद नहीं आने से रहते है परेशान-तो जरुर पढ़े.


सामन्यतः आज कल लोगो में देखा गया है कि वो नींद न आने जैसी समस्या से ग्रसित है वो सोना तो चाहते है उन्हें नीदं नहीं आती है उसी के विपरीत कई बार कुछ लोगो में देखा गया है कि वो सामान्य से ज्यादा नींद आने की समस्या से पीड़ित है, पर है आपको बता दे कि प्रत्येक व्यक्ति को उनकी आयु विशेष के आधार पर एक निश्चित मात्रा में सोने की जरुरत होती है, सामन्यतः 18-65 वर्ष तक की आयु के लोगो को 7-9 घंटे तक प्रतिदिन सोना चाहिए लेकिन आज के भागम भाग के दौर ने लोगो को सामान्य से अधिक तनाव अथवा गैर अनुशासित जीवन जीने के कारण सोने के सामान्य अवधि में कमी अथवा वृद्धि होने लगती है जो आगे चल के शारीरिक या मानसिक रोगो का कारण बनता है। आज कल कुछ लोगो को रात रात भर नींद नहीं लगने की समस्या होती है या फिर कुछ लोगो आधी रात में नीद खुल जाने और फिर नीदं न लगने की समस्या होती है, यदि आप के साथ भी ऐसा ही कुछ होता है तो हम आपकी इस समस्या को दूर करने का उपाय ले कर आये है, हो सके तो जरूर आजमाए। 

1. बिस्तर पर तभी सोने जाये, जब आपको सही में नींद आ रही हो। बार बार करवटें बदलते रहने से तो अच्छा है कि आप कोई दिलचस्प काम करें (जैसे- किताब पढ़ें या म्यूजिक सुनें) और नींद लगने पर बिस्तर पर लेटे।  
2. रात्रि में बार बार घड़ी देखने से बचें। कुछ दिनो तक घडी की ओर मुंह करके न सोये। घडी भी कई बार नींद में व्यवधान उत्पन्न करती है अतः यहाँ ध्यान दे कि नींद का चक्र पूरा होना बहुत जरूरी है। शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक के हिसाब से ही चलें, तभी आप अनावश्यक तनाव या दबाव से बच सकेंगे। 
3. रात में कैफीन और एल्कोहॉल से सम्बंधित पेय पदार्थ के सेवन से बचें। इससे भी नींद देर से आती है। 4. स्वयं में सदैव उत्साह बनाये रखे और प्रत्येक दिन कम से कम एक घंटा व्यायाम करे और रात्रि भोजन के बाद भी 15-20 मिनट तक टहले। यूएस के नेशनल स्लीप फाउंडेशन द्वारा किये गए एक सर्वेक्षण में कहा गया है कि जो लोग नियमित टहलते और व्यायाम करते हैं, उन्हें अच्छी नींद आती है। 
5. रात में अत्यधिक भोजन न करे । यदि रात्रि भोजन 9 बजे के बाद करते हैं तो आपको प्रोटीनयुक्त, भारी या मसालेदार भोजन से बचना ही ठीक होगा। 
6. अपने आस पास का वातवरण शांत, सुगंधित और हवादार रखें। यदि कमरे में शोर आता हो, पर्याप्त हवा न आती हो या कोई गंध आती हो तो इससे आपकी नींद में बाधा उत्त्पन्न होगी। शयन कक्ष का रंग भी बहुत गहरे रंग का रखें। 
7. यदि दो लोग एक बिस्तर पर सोते है तो दोनो लोग एक ही कंबल ओढऩे से बचें। इससे भी नींद खराब हो सकती है। 
8. सोने-जागने का नियत समय बनाएं। हालांकि यात्राओं के दौरान ऐसा संभव नहीं हो पाता, फिर भी अपना रूटीन निश्चित रखें। 
9. नींद न आने का हक कारण मैट्रेस भी हो सकता है। हर मैट्रेस की एक उम्र होती है, जब वह असुविधाजनक हो जाए, उसे बदल लें। 
10. मन को शांत रखें। मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि सोने से पहले स्ट्रेस वाला कोई काम न करें, ऐसा कुछ न बोलें, जो तनाव में डाले। 

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सिर में हो रहा है यदि लगातार दर्द-तो ध्यान दे ये ब्रेन स्ट्रोक रोग भी हो सकता है

व्यक्ति के शरीर के रक्त प्रवाह में किसी भी तरह की यदि कोई बाधा उत्तपन्न हो जाती है तो वह उसके शरीर को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। इससे व्यक्ति की जान भी जाने की हो सकती है। विशेषतः ऐसी  स्थिति में जब मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाये। इसे चिकित्सा विज्ञानं की भाषा में ब्रेन स्ट्रोक भी कहते हैं। ब्रेन स्ट्रोक किसी बाधा के कारण इश्चेमिया (रक्त संचार में कमी) या फिर हेमरेज (रक्तस्त्राव) के कारण होता है।
सामान्यतः लोग इसके विषय में ज्यादा नहीं जानते  है, जैसे इससे व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ता हैं, इसके होने पर तुरन्त क्या करना चाहिए, क्या इसका इलाज संभव है आदि। वैसे एक सामान्य मनुष्य के सामने सबसे आवश्यक प्रश्न तो यही होता है कि ब्रेन स्ट्रोक के सामान्य लक्षण क्या हैं? आपको  बता दे कि तनाव, मधुमेह, धूम्रपान, मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर और हृदय रोग आदि ब्रेन स्ट्रोक के लिए जिम्मेदार प्रमुख कारण हो सकते हैं। अगर आप भी इस तरह की गंभीर खतरों से पीडि़त हैं तो आपको अधिक सावधान रहने की जरुरत होती है। 

ब्रेन स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण

  1. स्ट्रोक से ग्रस्त रोगी को यदि एक या दोनों बांहों में सुन्न होने या कमजोरी जैसा महसूस हो तो उसे तुरंत ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ध्यान दे सुन्न होने की इस स्थिति में रोगी अपना हाथ उपर नहीं उठा पाता है
  2. यदि रोगी का चेहरा एक तरफ से लटक जाए अथवा फिर उसका चेहरा सुन्न हो जाए तो इसका अर्थ है कि बहुत गंभीर है। ऐसी स्थिति में आप रोगी हंसने के लिए कहें, यदि वह ऐसा करने में असमर्थ है तो उसे तुरन्त ही अस्पताल लेकर जाएं।
  3. इस दौरान यदि रोगी को बोलने में समस्या महसूस होती है, और साधारण से सवाल का वह जवाब देने में वह असमर्थ हो तो उसे डॉक्टर के पास के जाये
  4. यदि रोगी अपने शरीर को सन्तुलित करने में सक्षम न हो, और सीधे खड़ा नहीं हो पाता है या फिर उसे चलने में परेशानी आदि हो तो यह ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हैं।
  5. अकारण ही व्यक्ति के सिर में भयंकर दर्द हो तो यह सामान्यत: मस्तिष्क में आंतरिक रक्तस्त्राव होने के कारण यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। और यदि रोगी में सामान्य अवस्था में थोड़े थोड़े समय  पर याद्दाश्‍त भी चली जाती है तो समझे की उसे यह रोग होने वाला है।
  6. कई बार आंखों के सामने अंधेरा छा जाना और चक्कर आना भी ब्रेन स्ट्रोक की वजह हो सकती है।
ध्यान दे आपको इस रोग के कोई भी लक्षण यदि किसी व्यक्ति में दिखाई दे तो उसे अनदेखा न करे बल्कि सावधानी बरते और उसे उचित समय पर चिकित्सक के पास लेकर जाए क्योकि कई बार ऐसी लापरवाही करने पर रोगी की तत्काल ही मृत्यु हो जाती है। अतः आप इसे लेकर सदैव सतर्क रहे, आशा करते है कि हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी आपके लिए लाभप्रद सिद्ध होगी। अतः आपसे निवेदन है कि हमसे जुड़े और अन्य लोगो को भी सलाह दे हम आपके लिए ऐसी ही आवश्यक जानकारिया रहेंगे। 


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